जब हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी मार्केट में आती है तो वह बहुत सारे हॉस्पिटल के साथ हाथ मिला लेती है कि अगर हमारे द्वारा इंश्योरेंस खरीदा हुआ कोई व्यक्ति तुम्हारे हॉस्पिटल में भर्ती होने आए तो हॉस्पिटल उससे इलाज करने का पैसा नहीं लेगा। उसके इलाज का सारा खर्च कंपनी डायरेक्ट हॉस्पिटल को दे देगी।
हेल्थ इंश्योरेंस कैशलेस क्लेम पॉलिसी
अगर हम सरल शब्दों में कैशलेस पॉलिसी को समझें तो इसका मतलब बस इतना है कि जब आप अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती होते हैं तो अस्पताल के बिल का खर्चा आपको नहीं देना होता है। आपकी तरफ से हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी अस्पताल को इलाज का सारा पैसा देती है।

अगर आप कैशलेस पॉलिसी का फायदा लेना चाहते हैं तो आपको यह देखना चाहिए कि आपकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी किन अस्पतालों के साथ जुड़ी है आपको उन्ही अस्पताल में भर्ती होना पड़ेगा।
लेकिन ऐसा नहीं है कि अगर आप ऐसे अस्पताल में ईलाज कराते हैं जो आपकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के साथ जुड़ा नहीं है तो आपको इंश्योरेंस का फायदा ही नहीं मिलेगा। आपको फायदा मिलेगा लेकिन कैशलेस सुविधा नहीं मिलेगी।
अगर हॉस्पिटल आपकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से जुड़ा हुआ नहीं है तो सबसे पहले आप अपना इलाज खुद के पैसे से कराएंगे और आपके इलाज में जितना पैसा खर्च हुआ है अस्पताल का बिल आप इंश्योरेंस कंपनी को देंगे तो कंपनी आपको इलाज का सारा पैसा 15 से 20 दिन के भीतर वापस (रीइंबर्स) कर देगी।
अस्पताल में कैशलेस भर्ती से क्या मतलब है?
जब आप किसी मेडिकल इमरजेंसी के दौरान अस्पताल में भर्ती होते हैं तो आपको अस्पताल के बिल का भुगतान अपनी जेब से नहीं करना होता है। आपकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी सीधे अस्पताल को भुगतान करती है।

स्वास्थ्य बीमा में कैशलेस क्लेम का क्या मतलब है?
कैशलेस क्लेम सुविधा आपको मेडिकल इमरजेंसी के दौरान इलाज में लगने वाले पैसे की चिंता से मुक्त रखती है क्योंकि आप अपने हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से जुड़े हुए किसी भी अस्पताल में बिना पैसे के इलाज करवा सकते हैं।
इलाज का पैसा स्वास्थ्य बीमा कंपनी अस्पताल को देगी लेकिन कैशलेस क्लेम की सुविधा का लाभ लेने के लिए यह जरूरी है कि आपका इलाज उसी अस्पताल में हो जो आपकी स्वास्थ्य बीमा कंपनी के साथ जुड़ा हुआ है।
क्या ऐसे अस्पताल में भी कैशलेस क्लेम की सुविधा मिल सकती है जो आपकी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी के साथ जुड़ा हुआ नहीं है।
अब नए नियम आ गए हैं कि अगर आप ऐसे अस्पताल में भर्ती होते हैं जो आपकी इंश्योरेंस कंपनी के नेटवर्क से जुड़ा हुआ नहीं है तो भी आपको कैशलेस क्लेम की सुविधा मिल सकती है।
यहां पर दो कंडीशन होती है अगर आप सर्जरी (ईलाज) के लिए के साथ अस्पताल में भर्ती होने जा रहे हैं तो आपको भर्ती होने से 48 घंटे पहले अपनी इंश्योरेंस कंपनी को इंटीमेशन देना होगा ताकि वह कैशलेस क्लेम का अप्रूवल लेकर आ सके।
लेकिन अगर आप इमरजेंसी में भर्ती होते हैं तो आपको भर्ती होने के 24 घंटे के अंदर अपनी इंश्योरेंस कंपनी को बताना होगा।
लेकिन जब इंश्योरेंस कंपनी किसी अस्पताल के साथ पार्टनरशिप करती है तो वह हर एक इलाज और हर एक सर्जरी का एक रेट फिक्स कर लेती है और आप अगर उससे जुड़े हुए नेटवर्क हॉस्पिटल में जाते हैं तो कंपनी को पहले से पता होता है कि इस प्रॉब्लम का इतना खर्च होने वाला है तो वह कैशलैस क्लेम को अप्रूव कर देती है।
लेकिन दूसरा हॉस्पिटल जो नेटवर्क से जुड़ा हुआ नहीं है और वह उस सर्जरी का अधिक पैसा चार्ज कर रहा है तो हो सकता है कि कंपनी आपका कैशलैस क्लेम को रिजेक्ट कर दे। आपको रीइंबर्स के लिए ही जाना पड़े। इसलिए आप कोशिश करें कि नेटवर्क हॉस्पिटल में ही जाएं।